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पीएम मोदी की मिदनापुर रैली में हुए सुरक्षा चूक पर हुआ बड़ा खुलासा, ममता बनर्जी..

पिछले महीने पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में प्रधानमंत्री मोदी की रैली में हुए सुरक्षा चूक में बड़ा खुलासा हुआ है. कैबिनेट सुरक्षा सचिव एस के सिन्हा की अध्यक्षता वाली समिति ने इस हादसे की जांच की थी. इस रिपोर्ट में सुरक्षा में हुई खामी की पूरी जानकारी दी गई है. आपको बता दें कि 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में हुई प्रधानमंत्री मोदी की रैली में लगा टेंट का एक हिस्सा धराशायी हो गया था. इस हादसे में 90 लोग घायल हुए थे.अब जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था में काफी कोताही बरती इसलिए यह हादसा हुआ. आइए बताते हैं क्या है पूरा मामला.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी: (Image Source-jansatta)

सुरक्षा चूक के लिए ममता सरकार जिम्मेदार

मिदनापुर में प्रधानमंत्री मोदी की रैली में हुए पंडाल हादसे के लिए केन्द्र की जांच टीम ने ममता सरकार के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है. जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि राज्य के जिन पुलिस अधिकारियों को कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए वहां पर मौजूद रहना था वे वहां से नदारद थे. टेंट लगाने में प्रशासनिक दिशानिर्देश औऱ राज्य सरकार के अधिकारियों के असहयोग का मामला भी सामने आया है. इसके साथ ही ममता बनर्जी की सरकार को इस हादसे के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया गया है.

जांच रिपोर्ट में ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया है: (Image Source-cloudfront)

राज्य पुलिस की बड़ी लापरवाही

केन्द्र के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने में राज्य पुलिस पूरी तरह से विफल रही. कार्यक्रम स्थल पर राज्य सरकार का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नही था. जब लोग पंडाल के एक हिस्से में चढ़ रहे थे तो उन्हें किसी पुलिस अधिकारी ने नही रोका. इसके अलावा क्षमता से अधिक लोगों को रैली में जाने दिया गया.

हादसे के समय कोई भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद नही था: (Image Source-livehindustan)

पंडाल लगाने को लेकर सुरक्षा नियमों को ताक पर रखा गया

जांच में यह बात भी सामने आई है कि प्रधानमंत्री और एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों के लिए ब्लू बुक के नियमों का पालन नही किया गया. जिसके अनुसार जिला अधिकारी की निगरानी में पीडब्ल्यूडी विभाग को टेंट सहित अन्य इंतजाम करने थे. जांच में यह बात भी सामने आई है कि पंडाल और स्टेज निर्माण को लेकर कार्यक्रम के 5 दिन पहले ही स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट दे दिया गया जबकि कार्यक्रम से ठीक पहले बारिश हुई थी. टेंट लगाने के दौरान स्क्रू पिन और आयरन पाइप का उपयोग नियमों के मुताबिक नही किया गया.

पंडाल के लिए स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट पहले ही दे दिया गया जबकि कार्यक्रम के ठीक पहले बारिश हुई थी: (Image Source-Amarujala)

 

हालांकि राज्य सरकार ने पहले ही राज्य भाजपा इकाई और टेंट लगाने वाले के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है.

आपसे एक सीधा सवाल

इस हादसे के रिपोर्ट पर आपका क्या कहना है?

News Source-Livehindustan