Breaking News
Home / Uncategorized / ममता देने चली अवैध घुसपैठियों को पनाह तो सुब्रह्मण्‍यम स्‍वामी ने ऐसे बोल दिया हमला

ममता देने चली अवैध घुसपैठियों को पनाह तो सुब्रह्मण्‍यम स्‍वामी ने ऐसे बोल दिया हमला

असम में एनआरसी रिपोर्ट आने के बाद से ही देश में बवाल मचा हुआ है. तमाम विपक्षी पार्टियां सरकार को घेरने में लगी हुई है. वहीँ ममता बनर्जी इस मुद्दे को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान दिखाई दे रही हैं. इस मसले पर बयान देते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि एनआरसी रिपोर्ट से देश में गृह युद्ध और खून खराबा हो सकता है. ममता के इस बयान को लेकर बीजेपी नेता सुब्रह्मण्‍यम स्‍वामी ने करारा जवाब दिया है.

Source-NewsX

जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर असम में एनआरसी प्रकिया पूरी करवाई गयी है जिसकी रिपोर्ट सामने आने के बाद से देश के विपक्षी दलों में हडकंप मचा है. ममता बनर्जी तो इस कदर परेशान है कि उन्होंने यहाँ तक कह दिया है कि अगर इस रिपोर्ट को वापस नही लिया गया  तो देश में गृहयुद्ध और खूनखराबा मच जाएगा. ममता को करारा जवाब देने के लिए बीजेपी के कद्दावर नेता और गंभीर बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले सुब्रह्मण्‍यम स्‍वामी सामने आये है. देखिये सुब्रह्मण्‍यम स्‍वामी ने ममता को कैसा मुंहतोड़ जवाब दिया है.

Source-The Indian Express

सुब्रह्मण्‍यम स्‍वामी ने कहा कि उनकी ये हिम्‍मत कैसे हुई कि वो इस मुद्दे पर गृह युद्ध की धमकी केंद्र सरकार को दें. यह सीएम के पद के विशेषाधिकारों को घोर उल्‍लंघन है. इसलिए केंद्र सरकार को चाहिए कि वो पश्चिम बंगाल में राष्‍ट्रपति शासन लागू करे. वैसे भी पश्चित बंगाल में अराजकता कि स्थिति है और राष्‍ट्रपति शासन लगाने का उचित आधार बनता है. उन्होंने कहा कि भारत का प्रशासन बेहद मज़बूत है यहाँ गृहयुद्ध जैसी हरकत के लिए कोई सोच भी नही सकता है. उन्होंने कहा कि अवैध करार दिए गये  लोग हमारे देश के नागरिक नही है. वे भारत में घुस आये हैं. भारत कोई धर्मशाला नही है कि कोई भी आकर यहाँ रखने लगे.

Source-CNN.com

इसके आगे उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हमारी सरकार आती है तो हम वहां भी एनआरसी करवाएंगे. दरअसल पश्चिम बंगाल में बड़ी मात्रा में घुसपैठी रहते है जो ममता बनर्जी के लिए वोट बैंक की तरह काम करते है. ऐसे में इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई से ममता बनर्जी परेशान है.हालाँकि कोर्ट ने कहा है कि जिन लोगों का नाम एनआरसी लिस्ट में नही है उन लोगों को अभी बांग्लादेशी करार नही दिया जा सकता है. हालाँकि उन्हें अवैध जरुर कहा जा सकता है. कोर्ट के अगले आदेश तक उन्हें वापस भेजने की कोई प्रक्रिया नही की जायेगी.